जीना जीना । Na Tere Bina Kahi Jana Bhagvant । Jainism Lyrics

जीना जीना 
(Na Tere Bina Kahi Jana Bhagvant)
तर्ज: (देहलीज पे मेरे दिल की)
Lyrics By = Muni Heerratna Vijay 






जीना जीना...

पतझड सा था, मेरा तन मन, तुने किया सावन
अब धन तो क्या, पूरा जीवन, करदु तुझे अर्पण
सिखाया तुने जीना जीना केसे जीना,

सिखाया तुने जीना मुझे भगवंत..
ना और कही जाना जाना कही जाना,
ना तेरे बिना जाना कही भगवंत..

जो साथ ना, कभी छोड़े, वो मिला है अब साजन
तेरी प्रीत से, करू मैं भी, परमात्म पद अर्जन
है अब तुझे माना माना तुझे माना,

है अब तुझे माना मेरा प्रीतम..
ना और कही जाना जाना कही जाना,
ना तेरे बिना जाना कही भगवंत..

अब मेने अनुभव पाया, तेरी ही बात करी हैं
अवसर ने समझाया, दुनिया ये स्वार्थ भरी हैं

तेरे ही पास मे आने, हुवा मेरा सर्जन
ओ तेरे हीर से मेरी हर क्षण वन से बने उपवन
अब धन तो क्या, पूरा जीवन करदु तुझे अर्पण
सिखाया तुने जीना जीना केसे जीना,

सिखाया तुने जीना मुझे भगवंत..
ना और कही जाना जाना कही जाना,
ना तेरे बिना जाना कही भगवंत..

Lyrics: Muni Heerratnavijayji M.S.

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