चोक पूरावो
चोक पूरावो, माटी रंगावो,
आज प्रभु मोरे, घर आए है..
ए री सखी मंगल गावो री..
धरती अंबर सजावो री..
उतरी है आज मेरे प्रभु की सवारी..
हर कोइ नाचो गावो री..
मंदिरमें पूजा रचावो री..
प्रभुजी की कृपा भयी है आज भारी..
रंगो से रंग मीले..
नये नये ढंग खीले..
खुशीयो से छलक छलक है सबेरा..
प्रभु प्रभु मनवा रटे..
कुहू कुहू कोयल रटे...
आंगन आंगन है खुशीयो ने घेरा...

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