Aayo Re Aayo Avshar
आयो रे आयो अवसर.
(राग : जय जय शिव शंकर)
धूम तकिन -धिक,तकिन -तकिन -धिक
(धूम ता-ता,धिन ता-ता) (२)
धूम ताकिन -धिक,तकिन -तकिन -धिक
देखो आज यार! रत्नो में हें मणि
वेसे श्रमणो में ,चमकते हें गणी
गुरु आणसे, मिलती हैं ये पदवी
होगी प्रभावना, जिन शासन की ......
वधावो आज, अंतर के भावसे
चरणोंमें आके तुम ,जीवनको मोड दो
आज आया हे, पदवी प्रसंग ये
होठो के सादसे,सबको तुम बोल दो
हो आज जिन शासनमे ,प्रभु चरणमें आके
गुरु आशीष पाके ,बैठेंगे गणी पदपर
आयो रे आयो अवसर ,गणी पदवी रो अवसर
हे नाचो गाओ ....(2)
आवो रे सज-धज कर ,गणी पदवी रो अवसर
हे नाचो गाओ ...(2)
आयो रे आयो अवसर ,गणी पदवी रो अवसर
हे नाचो गाओ ....(2)
(स्ययिता : पू.श्री माययशसूरी म.सा.)
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