Ante Hu Taro Thavano | Janism Lyrics | अंते हुं तारो थवानो



निशदिन तुजने हुं रीझववानो, अंते हुं तारो थवानो,
भक्तिमां खुदने हुं भिजववानो, अंते हुं तारो थवानो...
सदगुरु तणी तारी मूर्ति मळी न्यारी,
चरणोने जेना हुं चूमतो रहुं,
हर घडी मुजपर हो हाथ शिवपद सुधी होय साथ,
हैयामां जेना हुं जुलतो रहुं,
ठाळी ए पाथमां हुं ठळवानो... अंते हुं तारो थवानो...
सदगुरु ना सादमां हर एक प्रतिसादमां,
याद तारी दादा हुं जीलतो रहुं,
तप जप वैयावचमां, स्वाध्याय केरा सादमां,
पल पल सदगुणथी हुं खीलतो रहुं,
गुरु तणो नाम मंत्र जपवानो... अंते हुं तारो थवानो...
भक्ति थई भाव करुं, विरती वरदान करुं,
तनमय थाउं तुजमां आत्मीय बनुं,
जिनवर तुज ध्यान धरुं, प्रशमरस भाव भरुं,
वात्सल्य एवुं शुभधाम हुं बनुं,
सिद्धि शणगारने हुं सजवानो... अंते हुं तारो थवानो...

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