Tari Mari Je Preeti Che Lyrics | Prabhu Bhagti Geet
तारी मारी जे प्रीती छे
मुश्कील डगर छे, लांबो सफर छे, चाहुं छुं तारो साथ..
जाल्यो छे तारो हाथ में प्रभुजी, हवे ना छोडुं साथ..
तारी मारी जे प्रीती छे, मुजने लागे मीठी छे..
आवी प्रीत नी गांठो, जगमां क्यांय ना बीजी रे..
चकोर चांदो जोईने राचे, मेघ ने जोई मोरलो नाचे,
तेमज ज्यारे तूजने नीरखुं, मारुं मनडुं थै थै नाचे..
मारा राजदुल्हारा, मारी प्रीत ना क्यारा,
मारा तारणहारा , मुजने प्राण थी प्यारा...
हुं तारो थई जाउं, तू मारो थई जा, बस एटलुं करी आप,
जाल्यो छे तारो...
सती सीता ने लंका मांथी, युद्ध करी श्री राम बचावे,
गोकुळ ज्यारे पूर मां डूबे, गीरी उपाडी श्याम बचवे,
मारो राम तू छे, मारो श्याम तू छे,
दुनियाना आ दु:खो मां, मारो आराम तू छे...
अनाथ बनीने रखड्यो घणुं हुं, हवे तू मळ्यो मने नाथ
जाल्यो छे तारो...

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