आदि जिणंद आदि जिणंद
Adi Jinanda Adi Jinanda Lyrics
आदि जिणंद आदि जिणंद भरत बतावो आज
मरूदेवी माता पूछे क्यां छे मारो लाल... (२)
तुं तो रंगमहेलमां मोज करे छे, मारो ऋषभ तो वनमां फरे छे,
कोई लावो कोई लावो एना समाचार... मरूदेवी माता पूछे...
थरथर कंपावती ठंडी पडे छे, घरमां रहेवाथी शर्दी चडे छे,
एवी ठंडी केम सहेशे मारो कोमळ बाळ... मरूदेवी माता पूछे...
गरमीना तापथी अंगारा झरे छे, झाडी ने जंगलो तेमां बळे छे,
एवामां कोण ले मुज नंदनी संभाळ... मरूदेवी माता पूछे...
वरसादना वादळां धूम चडे छे, वायु वंटोळथी पहाडो पडे छे,
मेघ तूटे, वीज करे आकाशे चमकार... मरूदेवी माता पूछे...
रडी रडीने आंसु सुकाणा, आंखो ना तेज तो तेमां समाणां,
पळ पळ वीते हवे वरस समान... मरूदेवी माता पूछे...
समवसरण तो देवो रचे छे, बार परिषदनी धूम मचे छे,
भरत कहे चालो माता, प्रभु आव्या द्वार... मरूदेवी माता पूछे...
गजवर अंबाडीए माताजी आवे, मारो ऋषभ तो ना रे बोलावे,
में धर्यो फोगटनो पुत्र राग अपार... मरूदेवी माता पूछे...
पुत्र वियोगथी आंसु हुं सारती, रसीकज्ञाननी वाणी संभारती,
कोण माता, कोण पिता, स्वार्थीयो संसार... मरूदेवी माता पूछे...
आतमज्ञानना उपज्या विचारो, क्षपक श्रेणीए चडी कर्या प्रहारो,
मरूदेवी माता पाम्या पंचम केवळज्ञान... मरूदेवी माता पूछे...

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