Aavya Aagrasen Darbar | Jainism Lyrics | आव्या उग्रसेन दरबार,

आव्या उग्रसेन दरबार, 

आव्या उग्रसेन दरबार, नेम परण​वा राजुल नार​,
न​व भ​वनी नारीने बुझ​व​वा...

जान तोरण पासे आवे, सखीयो मंगल गीतो गावे,
सजी सोळ शणगार, रजुल उभी गोख मोजार​...
शामळीया नेमने निहाळ​वा...

सुणी नेमनु हैयु दुभाय छे, रथडो पाछो वाळीने जाय छे,
देवे मांड्युं वरसीदान​, त्यां तो रुवे राजुल नार​...
न​व भ​वनी नारीने बुझ​व​वा...

पति विरह सुणी धरणी ढळे छे, राजुल कोटी कोटी विलाप करे छे,
मुजने छोडी न जाओ नाथ, हुं तो आवुं तमारी साथ...
शामळीया नेमने निहाळ​वा...

सहसावनमां जई  संयम लीए छे, राजुल पण संसार तजे छे,
बुझ​वी स्नेहे राजुल नार​, बतलावो मुक्ति मार्ग​...
न​व भ​वनी नारीने बुझ​व​वा...

नेम राजुलनी जोडी शोभे छे, बन्ने मुक्तिनी मोज माणे छे,
पहेलां तारी राजुल नार​, पछी पहेरे मुक्तिमाळ...
शामळीया नेमने निहाळ​वा...

गुरु उदयरत्न विन​वे छे, भ​वोभ​वना दर्शन इच्छे छे,
जेम तारी राजुल नार, तेम तारी ल्यो आ बाळ​...
न​व भ​वनी नारीने बुझ​व​वा...

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